जमीन के पीछे हत्या
A story of two borthers in which one brother kills another for the sake of property but got arrested by police and finally got death sentence.
संगम विहार शाम 8 बजे एक सफेद वैन एक परचून की दूकान पर रूकी इसमें से एक आदमी उतरा और अपने आस-पास किसी को नही देख कर उसने उस दुकनदार की हत्या कर दी। मरने वाले का नाम ओमप्रकाश शर्मा, उम्र 40 वर्ष थी। हत्या वाली रात किसी को भी कुछ पता नही चल पाया, मगर एक 14 वर्षीय बालक ने उस रात दूकान के सामने एक सफेद वैन को देख लिया था। दूसरे दिन दूकान के सामने बहुत भीड़ लगी हुई थी दो-तीन पुलिस वाले पुछताछ कर रहे थे। जब पुलिस वाले पुछताछ कर रहे थे कि किसी ने कुछ देखा है तो बताए तभी वह बच्चा जो वहां से गुजर रहा था तभी उसने कहा कि कल मैंने यहाँ पर एक सफेद वैन खडी़ देखी थी। तब पुलिस वाले ने गाडी का नम्बर पुछा लेकिन बच्चे ने नम्बर नोट नहीं किया था। उन्होंनें कुछ निशानी बताने को कहा तो बच्चे ने गाडी के पीछे के शीशे पर एक बिच्छू का स्टिकर लगा देखा था। पुलिस वालों ने छान-बीन शुरू की तो उन्हें सारी बात का पता चला कि हत्या के पीछे उसके भाई का ही हाथ था, दरअसल गांव की जमीन के पीछे उसने हत्या करवाई थी। मारने वाले भाई का नाम शिवप्रकाश (उम्र 35 वर्ष) है। अदालत ने उसे फांसी की सजा दी है। इस कहानी निचोड़ यह की लालच का फल बुरा होता है ।