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You are here: Home कहानियाँ (Stories) नई दिल्ली (New Delhi) महिलाऐं एवं बच्चे लड़की का भी रखें ख्याल

लड़की का भी रखें ख्याल

Girls should be given equal care and love. They should be treated as human being and should be given their right to education.

किसी गरीब घर में लड़की जन्म लेती है तो वह बोझ क्यों लगती है। क्या वह लड़की है, इस कारण बोझ लगती है। लड़के को बोझ क्यों नही समझा जाता, उसके साथ यह अन्याय क्यों? हमेशा लड़के को ज्यादा पढा़या-लिखाया जाता है और लड़की को कम। मां-बाप कहते हैं कि आगे जा कर चुल्हा-चौका ही तो संभालना है। अगर मां-बाप लड़की को पढ़ाऐगे ही नही तो वह आगे नही बढ़ पायेगी। वह अपने भविष्य में सबसे पीछे रह जाएगी। अगर हम लड़की को पढ़ाऐगे ही नहीं तो आगे आने वाली पीढ़ी कैसे साक्षर बनेगी। अगर मां साक्षर होगी तो बच्चों को अच्छे संस्कार दे सकेगी। उनका वह अच्छे से पालन-पोषण कर सकती है। अगर लड़की पढ़ी-लिखी होगी तो वह कहीं भी नौकरी कर सकती है और अपने पैरों पर खड़ी हो सकती है तथा अपने परिवार का खर्च भी उठा सकती है। अगर लड़की पढ़ी-लिखी नही होगी तो वह आने वाली पीढी़ को क्या ज्ञान बाँटेगी। किसी भी स्कूल में कोई नौकरी कर के वह बच्चों को ज्ञान बाँट सकती है। इस कारण लड़की को पढा़ना बहुत ही जरूरी है उसे बोझ नहीं समझना चाहिए। क्या जो काम लड़का कर सकता है वह लड़की नही कर सकती? पाबंदियां लड़कीयों पर ही क्यों लगाई जाती हैं क्या उसे जीने का कोई हक नहीं है? उससे यह हक क्यों छीना जा रहा है? हमें लड़की को कभी बोझ नहीं समझना चाहिए। लड़की जिस सम्मान की अधिकारी है वह सम्मान उसे मिलना चाहिए ।


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