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You are here: Home कहानियाँ (Stories) नई दिल्ली (New Delhi) महिलाऐं एवं बच्चे सास का बहु पर अत्याचार

सास का बहु पर अत्याचार

A story of a woman who got marrired to a widower. Her mohter-in-law's hatred for her was the only problem of that women.

शिव विहार में ज्योती रहती है वह मेरी सहेली है। उसने बताया कि उसके पडो़स में एक परिवार रहता है जिसमें 6 सदस्य हैं। उस परिवार में सबसे बड़े लड़के की शादी हुई तो बहु एक साल बाद मर गई। फिर उन्होंनें उस लड़के की शादी दुबारा कराई लेकिन जिस लड़की के साथ उसकी शादी हुई थी वह गांव की थी और ज्यादा पढी़-लिखी नहीं थी और ना ही ज्यादा सुन्दर थी। उस परिवार में उसकी नन्द और सास उसको पसन्द नहीं करती थी। नन्द बड़ी होने के कारण उसके साथ काम नहीं करवाती थी। उसकी सास उसे मारती भी थी। अगर वह खाना बनाती तो उसकी सास उसमें नुक्स निकालती थी सब्जी में ज्यादा तेल डाला या नमक कम हुआ तो देख लुंगी । ज्यादा खाना बन जाने पर कहती की इतना खाना बना लिया,अब कौन खायेगा क्या तेरे  मायके वाले खायेंगे ।अगर वह थक कर अराम करती तो उसकी सास कहती कि आराम कर रही है, काम कौन करेगा। ससुर जो थे, वह बहुत अच्छे थे ,वह उसे कुछ नहीं कहते थे। सास से छुपकर ससुर उसकी सहायता करते जैसे सब्जी काटना, छोटे -मोटे काम करना , बाजार से सब्जी लाना, दुकान से कोई सामान लाना। जब वह अपने पति को यह सब बताती तो पति उसकी नही अपनी मां की बात मानता था । इस तरह से उसकी परेशानी का कोई हल नहीं निकल रहा था । जब सास उसे मारती तो वह यह नहीं देखती की पडो़सी देख रहे हैं या कोई रिश्तेदार देख रहा है। लड़की जब अपने परिवार को यह सब बताती तो उसकी माँ रोती थी और  करती भी क्या अकेली, उस लड़की के पिता नही थे, भाई छोटे थे उसकी मां अकेले क्या करती। मां ने बेटी से कहा कि सब ठीक हो जाएगा। सास ही तो खराब है नन्द अपने घर चली जाएगी, दामाद कभी तो सुधरेगा । इस तरह से एक साल बीत जाने पर उसका एक लड़का हुआ पति में तो परिवर्तन आ गया लेकिन सास में कुछ भी परिवर्तन नहीं आया। वह उसकी तुलना अपनी पहली बहु से करती थी कि वह कितनी सुन्दर थी। मैने अपनी सहेली को बताया कि उसे समझना चाहिए कि उसे भी उतना प्यार दे जितना कि पहले वाली बहु को दिया अगर यह सुन्दर नहीं तो इसका गुण व्यवहार तो अच्छा है।


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