अभिभावक ने किया अपनी बेटी की जिन्दगी का नुकसान।
एक लड़की जिसका नाम सावित्री है। उसका विवाह कहीं भी नहीं हो रहा था। सावित्री के माँ-बाप ने पण्डित को लडकी की कुण्डली दिखाई लेकिन उसकी कुण्डली नही मिल रही थी फिर भी माँ-बाप ने उसकी कुण्डली जबरदस्ती पण्डित से कह कर मिलवा दी। फिर उसकी शादी करा दी गई शादी करके वह अपने ससुराल चली गई एक साल बाद पता चला कि उसकी पहले से ही शादी हो रखी थी।
एक लड़की जिसका नाम सावित्री है। उसका विवाह कहीं भी नहीं हो रहा था। सावित्री के माँ-बाप ने पण्डित को लडकी की कुण्डली दिखाई लेकिन उसकी कुण्डली नही मिल रही थी फिर भी माँ-बाप ने उसकी कुण्डली जबरदस्ती पण्डित से कह कर मिलवा दी। फिर उसकी शादी करा दी गई शादी करके वह अपने ससुराल चली गई एक साल बाद पता चला कि उसकी पहले से ही शादी हो रखी थी। सावित्री अपने ससुराल में काफी ठीक-ठाक से रह रही थी कि जैसे-जैसे समय बितता गया उसका पति का व्यवहार भी काफी बढ़ता गया। काफी दिन बीत जाते वह घर नही आता और जब आता तो आधी रात बिताकर आता। जब उसको इस बात का पता चला तो लड़की अपने माँ-बाप के घर आ गई। अब वह एक बच्चे की माँ है। क्योंकि लड़की की जहाँ भी रिश्ता होता तो वह टूट जाता इसी कारण माँ-बाप ने अच्छा घर-बार तो देखा लेकिन अच्छा पति नहीं देखा। सावित्री के अपने माँ-बाप ने अपनी खुद की बेटी के साथ जल्दबाजी करके अच्छा नहीं किया। उसकी जिंदगी को बरबाद कर दिया।
(पिंकी)