दहेज
The story of a man who was very busy in arranging her daughter's marriage. All of a sudden one call from bride-groom's family came before marriage and they demanded for 1 lakh rupees. So for maintaining his status and dignity in society he promised them that he will give that money in installments to them. But as he got late in giving second installment, after marriage, his daughter was beaten brutly.
हर दिन कोई न कोई लड़की दहेज के कारण मरती है। एक बार एक मुल्लाजी ने अपनी बेटी की शादी तय कर दी। सब बहुत खुश थे। मुल्लाजी की पाँच बेटी हैं। मुल्लाजी खुश थे कि उनकी पहली बेटी की शादी हो रही है। घर वाले सभी खुश थे। लड़की भी खुश थी पर अचानक शादी से एक दिन पहले लड़के वालो ने मुल्लाजी से पुछा कि एक लाख रूपऐ का इन्तजाम कर लिया या नही। मुल्लाजी यह सुन कर घबरा गये उन्होने कहा कि शादी से पहले आपने ऐसा कुछ नहीं कहा था। लड़के वाले कहने लगे कि मुल्लाजी कितने चालाक हैं दहेज का इन्तजाम किया नही और शादी करने लगे हैं। मुल्लाजी घबरा गये कि अगर पैसों का इन्तजाम नही हुआ तो लड़के वाले बरात नही लायेंगे। मुल्लाजी सोच रहे थे कि एक दिन में एक लाख रूपऐ कहां से लाएँ, वैसे ही शादी के लिए कितना खर्च कर चुके थे और अब और पैसे कहाँ से लायेंगे। अगर पैसो का इंतज़ाम न हुआ तो लड़के वाले बरात न लायेंगे। अगर लड़के वाले बरात न लायेंगे तो रिश्तेदारों में बदनामी होगी। मुल्लाजी सोच कर परेशान हो रहे थे की लड़के वालों के घर जाकर हाथ-पैर पकड़ कर उनसे कहुंगा कि शादी से पहले आधे पैसे दे दुंगा और आधे शादी के बाद और अगर पैसे नही मिले तो आप लड़की को वापस भेज देना। मुल्लाजी के पास और कोई रास्ता नही था और उन्होने लड़के वालो की बात मान ली, मगर शादी के बाद जब मुल्लाजी ने पैसे देने में देरी की तो लड़की को वापस भेजने की धमकी देने लगे और लड़की को मारते-पिटते थे और अब वह कर भी क्या सकते थे। फिर एक मासुम सी बच्ची दहेज के दानव के भेंट चढ़ गई।